भूतिया हवेली का रहस्य 👻🏚️🌙
परिचय 🌫️🏡🕯️
गाँव के एक कोने में एक पुरानी, सुनसान हवेली थी, जिसे लोग 'भूतिया हवेली' कहते थे। दशकों से कोई भी वहाँ जाने की हिम्मत नहीं करता था। लोगों का कहना था कि वहाँ रात में अजीब-गरीब आवाजें आती थीं, और जिसने भी अंदर जाने की कोशिश की, वह या तो पागल हो गया या फिर गायब हो गया।
कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने खिड़कियों से एक परछाई को झाँकते हुए देखा था। रात के समय वहाँ से गुजरने वाले लोगों को अचानक ठंडी हवा का झोंका महसूस होता था, और उनके कानों में किसी के सिसकने की आवाजें गूँजने लगती थीं।
एक दिन, गाँव के तीन दोस्त – रोहित, करण और सुमन – ने तय किया कि वे इस रहस्य को हल करेंगे। वे रात के बारह बजे हवेली में घुसने का फैसला करते हैं। उनके पास केवल टॉर्च, धूपबत्ती और हनुमान चालीसा थी।
जैसे ही उन्होंने हवेली का दरवाजा खोला, एक ठंडी हवा का झोंका आया, और दरवाजा अपने आप धड़ाम से बंद हो गया। अंदर घना अंधेरा था, सिर्फ टॉर्च की रोशनी ही दिख रही थी। अचानक, उन्हें सीढ़ियों से किसी के उतरने की आवाज़ आई। वे सहम गए।
हवेली में हर तरफ जाले और टूटी-फूटी दीवारें थीं। पुराने लकड़ी के फर्श पर उनके कदमों की आहट गूँज रही थी। अचानक, करण को लगा कि किसी ने उसकी पीठ पर हाथ रखा। वह चिल्ला उठा, लेकिन जब रोहित और सुमन ने देखा तो वहाँ कोई नहीं था।
जैसे-जैसे वे आगे बढ़े, उन्हें कमरों में अजीब-सी फुसफुसाहट सुनाई देने लगी। करण ने दीवार पर एक पुरानी तस्वीर देखी, जिसमें एक दुखी महिला की आँखें सीधे उनकी ओर घूर रही थीं।
सुमन को लगा कि किसी ने उसके कान में कुछ कहा। उसने घबराकर पीछे देखा, लेकिन वहाँ सिर्फ अंधेरा था। इसी बीच रोहित को लगा कि उसने छत से किसी को झूलते हुए देखा, लेकिन जब उसने दोबारा देखा तो कुछ भी नहीं था।
अचानक, हवेली के एक कोने से एक तेज रोशनी निकली और उसके साथ ही एक साया प्रकट हुआ। उसकी आँखें लाल थीं और वह हवा में तैर रहा था। रोहित ने हिम्मत करके पूछा – "तुम कौन हो?"
उसकी आवाज़ गूँजी – "तुम यहाँ क्यों आए हो?"
डर के बावजूद, सुमन ने पूछा, "तुम्हारी आत्मा को शांति कैसे मिलेगी?"
भूत ने बताया कि वह इस हवेली का मालिक था और उसे उसके ही नौकरों ने धोखा देकर मार दिया था। उसकी आत्मा इंसाफ चाहती थी।
तीनों दोस्तों ने पुराने दस्तावेजों और गाँव के बुजुर्गों से बात की, तो उन्हें पता चला कि हवेली के पिछले मालिक को उसके नौकरों ने ही एक गुप्त तहखाने में कैद कर दिया था, जहाँ उसकी मौत हो गई थी। लेकिन उसका शरीर कभी नहीं मिला।
तीनों दोस्तों ने गाँव के पुजारी को बुलाया और पूजा करवाई। जैसे ही अंतिम मंत्र पूरा हुआ, हवेली में तेज रोशनी छा गई, और वह आत्मा शांत हो गई। हवेली, जो बरसों से खौफ का गढ़ बनी हुई थी, अब एक सामान्य घर की तरह लगने लगी।
गाँव वालों ने अब हवेली को फिर से बसाने का फैसला किया। कुछ ही दिनों में वहाँ एक मंदिर बनाया गया, ताकि फिर कभी ऐसी कोई आत्मा भटकती न रहे।
सीख (Moral of the Story) 🏡👁️✨
Keywords:
- भूतिया कहानी
- डरावनी कहानियाँ
- आत्माओं का रहस्य
- हिंदी हॉरर स्टोरी
- Haunted House Story
- भूत की सच्ची कहानी
- रहस्यमयी घटनाएँ
कोई टिप्पणी नहीं: